ABSTRACT:
भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महिलाओं का योगदान सब से प्रभावी रहा है। महिलाओं ने घर की चार दीवारी एवं दासता की जंजीरों को अब तोड़ डाला है। भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है जिसमें महिलाएं किसी की गुलाम न होकर स्वयं को प्रशिक्षित करते हुए, उद्यम हो रही है। अर्थव्यवस्था के विकास के लिए महिला उद्यमियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए महिलाओं को उद्यम चलाने से जुडी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने का वातावरण तैयार करना जरूरी है। महिला उद्यमिता देश को आत्मनिर्भर बनाने का अहम पहलू है। इसमे रोजगार के अवसर जुटा कर अर्थव्यवस्था तो मजबूत होती ही है, महिलाओं का भी सामाजिक और व्यक्तिगत दृष्टि से उत्थान होता है। इस शोध पत्र में महिला उद्यमियों के महत्व, उनके सामने वाली चुनौनियों , भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी अहम भूमिका और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।
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नुसरत जहॉ. आत्मनिर्भर भारत में महिला उद्यमिता. International Journal of Advances in Social Sciences. 2025; 13(4):199-4. doi: 10.52711/2454-2679.2025.00032
Cite(Electronic):
नुसरत जहॉ. आत्मनिर्भर भारत में महिला उद्यमिता. International Journal of Advances in Social Sciences. 2025; 13(4):199-4. doi: 10.52711/2454-2679.2025.00032 Available on: https://www.ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2025-13-4-7
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