ABSTRACT:
चीन में जनवादी गणराज्य की स्थापना के समय साम्यवादी दल के शासन की वैधता माओ के करिश्माई नेतृत्व और जनयुद्ध की अवधारणा पर केन्द्रित था। परन्तु सांस्कृतिक क्रांति के दुष्परिणामों ने गंभीर आर्थिक समस्याओं को जन्म दिया। डेंग ने आर्थिक सुधार कार्यक्रमों द्वारा चीन में साम्यवाद के राजनीतिक पक्ष को अपरिवर्तित रखते हुए आर्थिक मोर्चे पर बाजारवादी प्रवृत्तियों का समावेश किया। डेंग द्वारा इसको चीन की विशेषताओं से युक्त समाजवाद का अर्थात डेंग के द्वारा साम्यवादी दल के शासन की वैधता को बेहतर आर्थिक प्रदर्शन और नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक अभिवृद्धि द्वारा अर्जित किया गया। परन्तु तियानमेन स्क्वायर परिघटना और सोवियत संघ के पतन से उत्पन्न वैधता के संकट की चुनौती का समाधान जियांग जेमिन द्वारा राष्ट्रीय देशभक्ति शिक्षण अभियान द्वारा खोजा गया। हु जिन्ताओ द्वारा नवीन ऐतिहासिक मिशन की उद्घोषणा की गयी जिसमें नौसैन्य भूमिका को परिभाषित किया गया। सी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की निरंतर आर्थिक संवृद्बि ने उसकी नौसैन्य क्षमताओं में अभिवृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया। चीन के नौसैन्य राष्ट्रवाद में निकट समुद्री क्षेत्रों में पड़ोसियों के साथ मैरीटाइम सीमाओं के निर्धारण, मैरीटाइम भूभागीय संप्रभुता, मैरीटाइम संसाधनों के स्वामित्व से सम्बन्धित ऐतिहासिक दावों के रक्षण और सुदूर समुद्री क्षेत्रों में चीन के आर्थिक/ऊर्जा हितों के रक्षण को शामिल किया गया है। अर्थात चीन के नौसैन्य राष्ट्रवाद में तटीय सुरक्षा, अपतटीय वास्तविक सुरक्षा और सुदूर समुद्र संरक्षण की मैरीटाइम सुरक्षा रणनीति को अभिव्यक्त एवं क्रियान्वित करने पर बल दिया गया है। परिणामस्वरुप चीन की नौसैन्य भूमिका, चीन के मैरीटाइम अधिकारों एवं हितों के रक्षण और समुद्री मार्ग से शताब्दियों के दमन की पुनरावृत्ति को रोकने, ऐतिहासिक अपमान के अवशेषों को मिटाने, भेदभावपूर्ण सन्धियों द्वारा चीन की भूमि हानि को पुनः प्राप्त करने, चीन के राष्ट्रीय एकीकरण को पूर्ण करने और चीन के राष्ट्रीय रिजुवनेशन हेतु चीन की नौसेना को एक विश्वस्तरीय नील जल नौसेना में परिवर्तित करने, और चीन की राष्ट्रीय पहचान को एक मैरीटाइम महान शक्ति में परिवर्तित करने पर बल दिया गया। प्रस्तुत शोध पत्र में चीन की राज्य वैधता पर केन्द्रित नौसैन्य राष्ट्रवाद की राजनीति के वर्णन का प्रयास किया गया है। अर्थात चीन में साम्यवादी दल के शासन की वैधता पर संकट और नौसैन्य राष्ट्रवाद की राजनीति के उदय में प्रत्यक्ष सम्बन्ध को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। अर्थात चीन के नौसैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम, नौसैन्य क्षमता विनिर्माण एवं संवर्द्धन एक विश्वस्तरीय नील जल नौसैन्य बल की स्थापना एक मैरीटाइम महान शक्ति में परिवर्तन की प्रेरणा चीन के राष्ट्रीय एकीकरण अर्थात राष्ट्रीय रिजुवनेशन की महत्वाकांक्षा पर आधारित है। इस शोध पत्र का उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार चीन में नौसैन्य राष्ट्रवाद का उपयोग करके अपनी राजनीतिक वैधता को बनाने और सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। इस शोध पत्र में इस बात का भी परीक्षण किया जाएगा कि क्या यह रणनीति दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ है अथवा इससे क्षेत्रीय संघर्ष एवं शान्ति व स्थिरता की संभावना बढ़ेगी। प्रस्तुत शोध पत्र इस विश्लेषण पर भी केंद्रित है कि चीन की मैरीटाइम सुरक्षा रणनीति केवल बाह्य शक्ति प्रदर्शन, स्लाक्स व चेकप्वांट्स की सुरक्षा चीन के आर्थिक एवं ऊर्जा हितों के संरक्षण, सुदूर समुद्री संरक्षण अभियानों के संचालन पर केन्द्रित नहीं है बल्कि चीन की आन्तरिक राजनीति में साम्यवादी दल के शासन की वैधता पर केन्द्रित मैरीटाइम सीमाओं के निर्धारण, मैरीटाइम भूभागीय संप्रभुता से जुड़े मुद्दों, मैरीटाइम संसाधनों के स्वामित्व के दावों और ताइवान के एकीकरण जैसे राष्ट्रवादी मुद्दों का अनुसरण भी किया जा रहा है।
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मोहम्मद आकिफ तौफीक. चीन में राज्य वैधता पर केंद्रित नौसैन्य राष्ट्रवाद की राजनीति. International Journal of Advances in Social Sciences. 2026; 14(3):163-2. doi: 10.52711/2454-2679.2026.00030
Cite(Electronic):
मोहम्मद आकिफ तौफीक. चीन में राज्य वैधता पर केंद्रित नौसैन्य राष्ट्रवाद की राजनीति. International Journal of Advances in Social Sciences. 2026; 14(3):163-2. doi: 10.52711/2454-2679.2026.00030 Available on: https://www.ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-3-4
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