Author(s): सियालाल नाग

Email(s): siyalalnag1@gmail.com

DOI: 10.52711/2454-2679.2026.00012   

Address: सियालाल नाग
सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान अध्ययनशाला शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर, जगदलपुर, छत्तीसगढ़, भारत ।
*Corresponding Author

Published In:   Volume - 14,      Issue - 1,     Year - 2026


ABSTRACT:
~भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक राष्ट्र हैं। किसी भी प्रजातांत्रिक राष्ट्र की सफलता व सार्थकता, बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करती हैं, कि प्रभुत्व शक्ति अधिकाधिक मात्रा में जनता में निहित हो, इस प्रभुत्व शक्ति का अधिक से अधिक विस्तार हो-बिखराव हो-विकेन्द्रीकरण हो-स्थानीय स्वशासन की प्ररंपराएं निश्चित ही, इस दिशा में एक अनुकरणीय व प्रशंसनीय प्रयास हैं। यह व्यवस्था न केवल जनता व प्रतिनिधियों में लोकतांत्रिक चरित्रय का सृजन करती है। नवीन नेतृत्व को उभार कर अवसर प्रदन करती हैं, वरन् जनता व जनप्रतिनिधियों को उस योग्य भी बनाती हैं, कि वे उच्च स्तर पर लोकतांत्रिक शासन में भाग ले सकें। वास्तव में भारत प्रजातांत्रिक राष्ट्र होने के साथ ग्राम प्रधान राष्ट्र भी हैं। भारत की आत्मा गांवों में ही निवास करती हैं और गावों में स्थानीय स्वशासन की परंपराएं ही व्यवस्था का आधार हैं। इसकी परंपराएं प्राचीन समय से लेकर वर्तमान समय के दौर तक चलती आ रही है।


Cite this article:
सियालाल नाग. भारत में स्थानीय स्वशासन का विकासात्मस्वरूप का अध्ययन. International Journal of Advances in Social Sciences. 2026; 14(1):49-5. doi: 10.52711/2454-2679.2026.00012

Cite(Electronic):
सियालाल नाग. भारत में स्थानीय स्वशासन का विकासात्मस्वरूप का अध्ययन. International Journal of Advances in Social Sciences. 2026; 14(1):49-5. doi: 10.52711/2454-2679.2026.00012   Available on: https://www.ijassonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-1-12


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